
श्रीमद्भागवत कथा के अमृतमय संदेशों से मिली आध्यात्मिक ऊर्जा, विधायक पुरन्दर मिश्रा ने लिया आशीर्वाद
आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में संस्कार और सद्भाव की भावना मजबूत होती है : पुरन्दर मिश्रा
श्रीमद्भागवत कथा से संस्कार, सेवा और धर्म की भावना सशक्त होती है : विधायक पुरन्दर मिश्रा

रायपुर। राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरन्दर मिश्रा ने सहभागिता कर पूज्य देवकीनंदन ठाकुर के पावन सान्निध्य में कथा श्रवण किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर विधायक पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और मानवीय मूल्यों की जीवंत धरोहर है। कथा का प्रत्येक प्रसंग व्यक्ति को सत्य, सेवा, करुणा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देता है। संतों का सान्निध्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और जीवन को आध्यात्मिक दिशा प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता में दिया गया संदेश आज भी प्रत्येक व्यक्ति के लिए समान रूप से प्रासंगिक है—
“कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥”
अर्थात् मनुष्य का अधिकार केवल अपने कर्म पर है, उसके फल पर नहीं। इसलिए निष्ठा, समर्पण और निष्काम भाव से अपने कर्तव्यों का पालन करना ही जीवन की वास्तविक साधना है।
विधायक पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि वर्तमान समय में श्रीमद्भागवत कथा जैसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों, पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से प्रदेशवासियों के सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत भगवान की कृपा सभी पर सदैव बनी रहे तथा समाज में धर्म, सद्भाव और लोकमंगल की भावना निरंतर प्रबल होती रहे।



