
रायपुर/ आपातकाल पर भाजपा द्वारा मनाया गया काला दिवस भाजपा की राजनैतिक दिवालियापन को दिखाता है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 1975 में जो आपातकाल लगाया गया था, वह संविधान के आर्टिकल 352 के तहत लगाया गया था। उस समय देश में जो विपक्षी दल थे, तत्कालीन सरकार के खिलाफ षड्यंत्र कर रहे थे। आंतरिक संकट की स्थिति थी, तब महामहिम राष्ट्रपति ने आपातकाल का घोषणा किया था और एक समय के बाद आपातकाल समाप्त भी कर दिया गया, पूरी तरह से संवैधानिक प्रक्रिया थी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पिछले एक दशक से मोदी सरकार आने के बाद आज जो आपातकाल चल रहा वो देश के लिये ज्यादा घातक है। संवैधानिक संस्थाओं को बंधक बना लिया गया है, आज चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं रह गया है, न्यायपालिका के काम में हस्तक्षेप करने की कोशिश की जा रही है, मीडिया को दबाया जा रहा है, मीडिया के काम में हस्तक्षेप करने की कोशिश की जा रही है, विपक्षी दल के विधायकों और सांसदों को खरीदा जा रहा है, विपक्षी दल को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। ईडी, आईटी, केंद्रीय संस्थाओं का दुरुपयोग करके राज्य सरकारो में दल बदल करवा करके राज्य सरकारों में कब्जा किया जा रहा है। यह देश के लिये ज्यादा घातक है। वोट चोरी मतदाताओं को अपने हिसाब से लिस्टिंग करना इसके कारण लोकतंत्र में ज्यादा बड़ा खतरा है। उस समय का आपातकाल संवैधानिक था। लेकिन जो आज आपातकाल है, वो असंवैधानिक और देश के लिये ज्यादा दुखदायी और परेशानी वाला है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आपातकाल का विरोध करने वाली भाजपा की सरकार ने 12 साल से देश में अघोषित आपातकाल लगा रखा है। बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के लिखे संविधान खतरे में है। संविधान बदलने की बात कही जाती है, संवैधानिक संस्थाये स्वतंत्र होकर काम नहीं कर पा रही है, मीडिया जनता के मुद्दे उठा नहीं पा रही है, लोकतंत्र का गला घोट जा रहा है, आम जनता के ऊपर टैक्स लादा जा रहा है, पेपर लीक हो रहे हैं, बढ़ती महंगाई बेरोजगारी से हर वर्ग हताश और परेशान है। जनता मूलभूत की सुविधाओं के लिए तरस रही है, समय पर ट्रेन नही मिल रहा है। सरकारी दफ्तरों में अराजकता है, 80 करोड़ लोग 5 किलो अनाज पर निर्भर है, न उनके पास काम है न भरपेट भोजन की व्यवस्था है। व्यापारी वर्ग डरा हुआ है, देश की संपत्तियां बिक रही है, यह असल मायने में आपातकाल है 12 साल से देश में आपातकाल का दो काला खण्ड चल रहा था, अब तीसरा खण्ड शुरू हुआ है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आपातकाल का विरोध करने वाले संघ, भाजपा एवं अन्य दल के अन्य नेता अब खुद अपनी सरकार में खुलकर बोलने से डर रहे हैं, उन्हें भी केंद्रीय एजेंसियों का डर सता रहा है। जो लोकतंत्र के सेनानी खुद को बताते थे, वह छिपे हुए बैठे हैं सिर्फ पेंशन लेने के लिए सामने आते हैं। देश में लोकतंत्र के अधिकारों का उपयोग करने से रोका जाता है, किसान नौजवान आंदोलन करें तो उन्हें देशद्रोही ठहराया जाता है, उन पर लाठियां चलाई जाती है, जेल में बंद किया जाता है। विपक्ष को डराया धमकाया जाता है। सदन से लेकर सड़क तक जनता के सवाल उठाने वालों की आवाज को दबाने सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग किया जाता है। विपक्ष को बोलने से रोका जाता है। इस देश में 12 साल से चल रहा है आज भाजपा के नेता जो आपातकाल के विरोध में काला दिवस मनाने जा रहे है, उन्हें शर्म आनी चाहिये। 12 साल से इस देश में अघोषित आपातकाल का काला अध्याय चल रहा है और उसके लिए भाजपा जिम्मेदार है।



