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कोरिया हत्याकांड पर फूटा परिवार का गुस्सा: मंत्री रामविचार नेताम से पूछा- क्या आरोपियों को मिल रहा राजनीतिक संरक्षण?

कोरिया। जिले में भाजपा नेता और उनके साथियों की हत्याकांड मामले में परिजनों का आक्रोश मंत्री रामविचार नेताम के सामने फुट पड़ा। मृतक परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे मंत्री नेताम को परिजनों ने रो-रोकर खूब खरी-खोटी सुनाई। परिजनों के चेहरे पर गुस्सा, आंखों में आंसू, दिल में दर्द लिए बिलखते परिजन मंत्री से यही पूछते रहे कि क्या सत्ता के लोग आरोपियों को बचाने लगे हैं ? क्या विधायक रेणुका सिंह से आरोपियों को संरक्षण मिल रहा है इसलिए कड़ी कार्रवाई नहीं हो रही ? यही वजह है कि आरोपियों का जुलूस ऐसा निकाला गया, जैसा उनका सम्मान हो रहा है ? बताइए मंत्री जी क्या हमें न्याय दिला पाएंगे ?

परिजनों ने पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल

मृतक के परिजनों ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि घटना स्थल से दूर पटना में आरोपियों का ऐसा जुलूस निकाला गया, जैसे कि वह आरोपी नहीं बल्कि ओलंपिक पदक विजेता है। परिजनों ने प्रभारी पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे की भूमिका पर संदेह जताते हुए उन्हें जमकर खरी खोटी सुनाई।

परिजनों ने की ये मांग

इस दौरान मृतक के परिजनों ने आरोपियों के घर पर बुलडोजर कार्रवाई, सीबीआई जांच और घटना में शामिल आरोपियों के अलावा अन्य लोगों की गिरफ्तारी की भी मांग की। परिजनों की मांगों को बेहद गंभीरता से सुनते हुए मंत्री रामविचार नेताम ने हर संभव कार्रवाई का आश्वासन दिया।

इस दौरान मौके पर स्थानीय विधायक भैयालाल राजवाड़े, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्ण बिहारी जायसवाल और शैलेश शिवहरे सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

जानिए पूरा मामला ?

सोनहत के नौगई गांव में भाजपा नेता और पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के रिश्तेदार नागेंद्र सिंह के बेटे ने नौगई रेत घाट का ठेका लिया था। रेत के अवैध खनन को लेकर उनका भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से लंबे समय से विवाद चल रहा था। 16 जून की देर रात करीब 12 बजे मनोज त्रिपाठी से जुड़े लोगों ने भरत सिंह को घर के पास घेर लिया। विवाद बढ़ने के बाद आरोपियों ने फॉर्च्यूनर कार के आगे और पीछे हाईवा वाहन लगा दिया। फिर कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।

कार में भरत सिंह, उनका भाई और शिक्षक नागेंद्र सिंह, मयंक सिंह, योगेंद्र सिंह और रायपुर निवासी विरेंद्र सिंह सवार थे। कार सवार भरत सिंह बुरी तरह से झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके भाई नागेंद्र सिंह, विरेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह और मयंक किसी तरह बाहर निकले। कार से बाहर निकलते ही सभी की बेदम पिटाई की गई। विरेंद्र के गले पर फरसे से वार किया गया था, गंभीर हालात में उन्हें अंबिकापुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान विरेंद्र के साथ ही नागेंद्र की भी मौत हो गई। इस मामले 9 लोगों के खिलाफ FIR हुई है। अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, मनोज त्रिपाठी सहित सभी 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

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