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छत्तीसगढ़ के प्रकाश धीवर ने मछली पालन से आत्मनिर्भर बनकर दिखाई मंजिल

क्षेत्र के 20 लोगों को दे रहे रोजगार

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के सहयोग से सालाना 15 से 20 लाख रूपए की हो रही आमदनी

रायपुर, राजधानी रायपुर से लगभग 35 किलोमीटर दूर विकासखंड तिल्दा-नेवरा के ग्राम पंचायत बेलदार सिवनी के निवासी श्री प्रकाश धीवर आज मछली पालन के क्षेत्र में एक सफल और प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरे हैं। मछली पालन उनके लिए केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि आजीविका का मुख्य स्रोत बन चुका है।

बता दें कि सिवनी निवासी श्री प्रकाश धीवर ने 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार की तलाश में मछली पालन विभाग से संपर्क किया। विभाग से उन्हें यह जानकारी मिली कि ग्राम पंचायत के तालाबों को पट्टे पर लेकर मछली पालन किया जा सकता है। इसके बाद उन्होंने बिना विलंब किए एक समिति का गठन किया और शासन के नियमानुसार ग्राम पंचायत सिवनी के तालाबों को 10 वर्षीय पट्टे पर लिया। साथ ही कुछ निजी तालाबों को लीज पर लेकर मछली पालन कार्य प्रारंभ किया।

वर्तमान में उनकी समिति के पास कुल पांच तालाब (8.835 हेक्टेयर) पट्टे पर हैं, जिनसे प्रतिवर्ष लगभग 22 से 25 टन मछली का उत्पादन हो रहा है। श्री धीवर “जय महामाया मछुआ सहकारी समिति, बेलदार सिवनी” के अध्यक्ष हैं, जिसमें 21 सदस्य सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत उन्हें 40 प्रतिशत अनुदान पर एक चार पहिया वाहन भी प्राप्त हुआ है। इस वाहन की सहायता से वे रायपुर, खरोरा, तिल्दा और बलौदा बाजार जैसे बड़े मछली बाजारों में जीवित मछली का विक्रय कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। विभिन्न स्रोतों से उनकी वार्षिक आय लगभग 15 से 20 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

मछली पालन के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति हेतु श्री धीवर जिला सहकारी बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से न्यूनतम ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक का ऋण भी लेते हैं, जिसका उपयोग मछली बीज, चुना और जाल खरीदने में किया जाता है।

शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर श्री प्रकाश धीवर न केवल आत्मनिर्भर मत्स्य कृषक बने हैं, बल्कि क्षेत्र के लगभग 15 से 20 लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराकर स्थानीय स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

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