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जानकी बाई ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी, तीन एकड़ जमीन से 40 लाख रूपए का कृषि उद्यम

उत्तर बस्तर कांकेर, विकासखंड कांकेर के ग्राम कान्हारपुरी की 57 वर्षीय महिला कृषक श्रीमती जानकी बाई नायक ने अपनी महज तीन एकड़ कृषि भूमि को सफलता की सीमा नहीं बनने दिया। कृषि यंत्रीकरण को अवसर में बदलते हुए उन्होंने वर्ष 2025-26 में कृषि यांत्रिकीकरण सबमिशन योजना के तहत लगभग 40 लाख रुपए की लागत से फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किया, जिसमें ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, सीडड्रिल, कल्टीवेटर और स्प्रेयर सहित आधुनिक कृषि यंत्र शामिल हैं, जिन्हें आसपास के किसानों को किराये पर दिया जाता है। इसके लिए उन्होंने 35 लाख रुपए का बैंक ऋण लिया, जिसमें 14 लाख रुपए का विभागीय अनुदान प्राप्त हुआ।

श्रीमती जानकीबाई ने बताया कि उनके फार्म मशीनरी बैंक से अब तक 145 किसान लाभान्वित हो चुके हैं। कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध कराने से उन्हें लगभग 20 लाख रुपए की आय प्राप्त हुई, जिसमें खर्च के बाद 09 लाख 25 हजार रुपए शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ, इससे उन्होंने ऋण की दो किस्त में 06 लाख 50 हजार रुपए जमा किए हैं तथा प्राप्त आमदनी से ट्रॉली खरीदने के साथ गृह निर्माण एवं पारिवारिक जरूरतों में भी राशि का उपयोग किया गया। अपनी सफलता से उत्साहित श्रीमती जानकी बाई ने कहा कि सीमित जमीन से भी सफलता हासिल की जा सकती है। शासन का सहयोग एवं सही सोच और आधुनिक तकनीक के सहारे खेती को लाभकारी उद्यम में बदला जा सकता है।

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