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31 मार्च में एक सप्ताह शेष, सरकार बताये नक्सलवाद समाप्ति की तिथि वही है या बदलेंगे – कांग्रेस

रायपुर/24 मार्च 2026। भाजपा सरकार ने नक्सलवाद की समाप्ति के लिए 31 मार्च 2026 को डेडलाइन दिया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 31 मार्च में मात्र एक सप्ताह शेष है, सरकार बताये देश और प्रदेश से नक्सलवाद की समाप्ति 31 मार्च को हो जायेगी या केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कोई नई तारीख तय कर रखी है। पिछले दो वर्षों से भाजपा के नेता विशेषकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृह मंत्री विजय शर्मा 31 मार्च तक देश और प्रदेश से नक्सलवाद समाप्त करने का दावा करते रहे है, देश व प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि उनके दावे अभी भी कायम है या नहीं?

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार बताये कि यदि वास्तव में 31 मार्च तक याने की एक सप्ताह बाद प्रदेश से नक्सलवाद समाप्त होने वाला है तो राज्य सरकार ने अभी तक बस्तर से कितने सुरक्षाबलों के कैंप हटाना शुरू किया? कितने सुरक्षा बलों की बस्तर से वापसी करना शुरू किया? बस्तर के जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा से कितनी कटौती करना शुरू किया? नक्सल क्षेत्र के मुख्यमंत्री रहने के दौरान रमन सिंह को मिली एनएसजी एवं ब्लैक केट कमांडो की सुरक्षा को कब हटाने जा रहे है? जब प्रदेश से नक्सलवाद की समाप्ति हो रही है तब स्वाभाविक है कि सरकार लोगों की सुरक्षा में कटौती करेगी।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि देश व प्रदेश का हर नागरिक चाहता है कि शांति की स्थापना हो और नक्सलवाद की समाप्ति हो। भाजपा नेता इस मामले में लगातार श्रेय लेने की राजनीति करने बयान देते है, जबकि नक्सलवाद को खाद, पानी भाजपा की रमन सरकार के दौरान ही मिला था। 2006 से 2015 तक छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद नासूर बना। झीरम घाटी, ताड़मेटला, रानीबोदली जैसे नरसंहार और बड़े नक्सली वारदात भाजपा की सरकारों में ही हुये। कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार के दौरान विकास, विश्वास और सुरक्षा के मूलमंत्र को आधार बना कर किए गए कार्यों से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर प्रभावी अंकुश लगा, जिसके चलते ही वर्तमान में सुरक्षा बलो के जवानों को बेहतर सफलता मिल रही है। भाजपा केवल श्रेय की राजनीति करती है, असलियत यह है कि पुनर्वास योजना के नाम पर भी यह सरकार छल कर रही है।

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