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अविश्वास प्रस्ताव पर विजय शर्मा का विपक्ष पर हमला, बोले- “गरीबों का आवास रोका, घोटालों को दिया संरक्षण”

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और आदिवासियों के हितों की अनदेखी की, जबकि वर्तमान सरकार ने सत्ता में आने के बाद सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण को प्राथमिकता दी है।

विजय शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में सदन की चर्चा का महत्व होता है, लेकिन विपक्ष कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस से बचने का प्रयास करता है। उन्होंने इसे विपक्ष की कमजोरी बताया।

प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर कांग्रेस पर हमला

उप मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर सबसे बड़ा आरोप प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर लगाया। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को पक्के मकान दिलाने की योजना में पिछली सरकार की लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में आवास अधूरे रह गए।

उन्होंने दावा किया कि—

  • वर्तमान सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए।
  • ढाई वर्षों में 26 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया।
  • लगभग 8 लाख अधूरे आवासों को पूरा कराया गया।
  • अब तक 11 लाख प्रधानमंत्री आवास पूरे किए जा चुके हैं।

विजय शर्मा ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने गरीबों के आवास का अधिकार रोका, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे पूरा करने का काम किया।

शराब, कोयला और PSC मामलों का उठाया मुद्दा

अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने कथित घोटालों का जिक्र करते हुए कांग्रेस सरकार पर हमला बोला।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान—

  • शराब नीति में अनियमितताओं के आरोप लगे।
  • कोयला मामले में कमीशनखोरी का आरोप सामने आया।
  • PSC भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं में नाराजगी रही।

उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार पिछली सरकार के समय व्यवस्था का हिस्सा बन गया था।

CBI जांच को लेकर भी घेरा

विजय शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय छत्तीसगढ़ में CBI जांच को लेकर रोक थी, लेकिन अब वही लोग हर मामले में जांच की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान कई अधिकारियों पर कार्रवाई हुई, जबकि वर्तमान सरकार पारदर्शी व्यवस्था के साथ काम कर रही है।

धर्मांतरण और घुसपैठ के मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखा

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने घुसपैठ और धर्मांतरण जैसे विषयों पर सख्त कदम उठाए हैं।

उन्होंने बताया कि—

  • घुसपैठ संबंधी शिकायतों के लिए ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की गई।
  • टोल फ्री नंबर के माध्यम से शिकायतें ली जा रही हैं।
  • धर्मांतरण रोकने के लिए कानून लाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने इन मुद्दों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।

महतारी वंदन योजना और आदिवासी योजनाओं का जिक्र

विजय शर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार महिलाओं और आदिवासियों के हितों के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा—

  • महतारी वंदन योजना के तहत 68 लाख महिलाओं को राशि दी जा रही है।
  • तेंदूपत्ता संग्राहकों और आदिवासी समुदायों के लिए योजनाओं को फिर से मजबूत किया गया है।

उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने कई जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया था।

बलौदाबाजार हिंसा पर विपक्ष को घेरा

उप मुख्यमंत्री ने बलौदाबाजार हिंसा मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराधियों को किसी समाज से जोड़ना गलत है। उन्होंने कहा कि सतनामी समाज शांतिप्रिय है और किसी अपराधी के कृत्य को पूरे समाज से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।

नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई का दावा

विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने बताया कि—

  • नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई।
  • सुरक्षा कैंपों को जनसुविधा केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
  • आत्मसमर्पण नीति के माध्यम से नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में नक्सली हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं।

नशे के खिलाफ कार्रवाई का भी किया उल्लेख

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। NDPS मामलों में पहली बार सफेमा कानून के तहत आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने जैसी कार्रवाई की गई है।

“हम समस्याओं की नहीं, समाधान की राजनीति करते हैं”

अपने संबोधन के अंत में विजय शर्मा ने कहा कि सरकार केवल आरोप लगाने की राजनीति नहीं करती, बल्कि समस्याओं के समाधान पर काम करती है।

उन्होंने कहा कि गरीबों को आवास, महिलाओं को आर्थिक सहायता, आदिवासी विकास, मजबूत कानून व्यवस्था और नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने दावा किया कि इन्हीं कार्यों के कारण जनता का विश्वास सरकार के प्रति मजबूत हुआ है।

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