
कांकेर / नगर भानुप्रतापपुर में स्थित ‘खुली किताब पुस्तकालय’ को बंद होने से बचाने के लिए अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राओं ने मिलकर क्षेत्रीय विधायक को एक ज्ञापन सौंपा।कहा कि यह पुस्तकालय न केवल ज्ञान का केंद्र है, बल्कि कई बच्चों के सपनों की पहली सीढ़ी भी है।

ज्ञापन में बताया गया कि इस खुली किताब पुस्तकालय ने न जाने कितने गरीब और जरूरतमंद छात्रों को निःशुल्क अध्ययन सामग्री और एक शांत वातावरण प्रदान किया है। यहाँ बैठकर कई युवाओं ने अपने भविष्य के सपनों को आकार दिया है। यदि पुस्तकालय बंद हो गया, तो सैकड़ों छात्रों का अध्ययन प्रभावित होगा और समाज एक महत्वपूर्ण शैक्षिक धरोहर को खो देगा।
विधायक ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए आश्वासन दिया कि पुस्तकालय को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।त्वरित कलेक्टर से बात कर यथावत रखने के लिए कहा। उन्होंने कहा, “पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह नहीं होता, यह सपनों का घर होता है। हम इसे यूँ ही खत्म नहीं होने देंगे।”
ज्ञापन सौंपने वालों में छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या शामिल रही। सभी ने उम्मीद जताई कि जल्द ही सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे और ‘खुली किताब पुस्तकालय’ फिर से नए उत्साह के साथ जीवित रहेगा।



