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गांजा तस्करी पर बड़ा प्रहार, 2.38 करोड़ के गांजे के साथ 7 गिरफ्तार

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जगदलपुर पुलिस ने गांजा तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए 476 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ 38 लाख रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक लोडिंग टाटा पिकअप और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गांजे की खेप ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाई जा रही थी। पुलिस की इस कार्रवाई को बस्तर क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की बरामदगी ने अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की सक्रियता को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी और उत्तर प्रदेश में इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांजा तस्कर ओडिशा से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ लेकर उत्तर प्रदेश की ओर जा रहे थे। इसी दौरान जगदलपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गांजे की खेप पकड़ ली। पुलिस ने मौके से कुल 476 किलोग्राम गांजा बरामद किया। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी से स्पष्ट है कि तस्करी का मामला बड़े स्तर का है। हालांकि, इस कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

पुलिस के मुताबिक, जब्त किए गए 476 किलोग्राम गांजे की अनुमानित बाजार कीमत करीब 2 करोड़ 38 लाख रुपये है। इसके अलावा गांजे के परिवहन में इस्तेमाल की गई लोडिंग टाटा पिकअप और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन वाहनों का इस्तेमाल तस्करी के लिए किस तरह किया जा रहा था। साथ ही वाहनों के स्वामित्व और तस्करी से उनके संबंधों की भी जांच की जा सकती है।

इस मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए पुलिस गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। विशेष रूप से यह पता लगाया जा रहा है कि ओडिशा में गांजे की आपूर्ति कौन कर रहा था और उत्तर प्रदेश में इसकी खेप किसे सौंपी जानी थी। पुलिस को आशंका है कि इस तस्करी के पीछे अन्य लोग भी जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही उनकी भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

जगदलपुर पुलिस अब इस मामले के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगालने में जुट गई है। बैकवर्ड लिंकेज के तहत गांजे के स्रोत और आपूर्तिकर्ताओं की पहचान की जाएगी, जबकि फॉरवर्ड लिंकेज के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि मादक पदार्थ किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। इससे तस्करी के नेटवर्क की पूरी कड़ी सामने आने की उम्मीद है। बस्तर पुलिस की इस कार्रवाई से गांजा तस्करी से जुड़े लोगों को बड़ा झटका लगा है। फिलहाल सात आरोपियों की गिरफ्तारी और करोड़ों रुपये के गांजे की जब्ती के बाद पुलिस आगे की जांच कर रही है। जांच में अन्य राज्यों से जुड़े तस्करों और इस अवैध कारोबार के नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।

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