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सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला स्तरीय नारी शक्ति वंदन-अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित

श्रीमती कौशल्या विष्णुदेव साय ने कहा-महिलाएं बिना संकोच आगे आएं और अपनी प्रतिभा व कला को पहचान दें

महिला हितग्राहियों एवं स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में लिया उत्साहपूर्वक भाग
उत्तर बस्तर कांकेर / सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज जिला स्तरीय नारी शक्ति वंदन-अभिनंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ स्टेट बोर्ड भारतीय आदिम जाति सेवक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती कौशिल्या विष्णुदेव साय शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित महिला हितग्राहियों, मितानिनों, महिला जनप्रतिनिधियों एवं स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद किया तथा उनके द्वारा तैयार किए गए विभिन्न व्यंजनों का स्वाद भी लिया। उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार व्यंजनों की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं की प्रतिभा और मेहनत को प्रोत्साहन देने के लिए उन्हें आगे आने के अवसर मिलना जरूरी है।
श्रीमती कौशल्या विष्णुदेव साय ने कहा कि महिलाओं को अपनी कला और प्रतिभा दिखाने के लिए घर से बाहर निकलना होगा। महिलाएं बिना संकोच एक-दूसरे से संवाद करें और अपने अनुभव साझा करते हुए आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार अंतिम घर के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा विशेष रूप से जनजातीय समूहों सहित जरूरतमंद परिवारों को शासन की योजनाओं से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाया जा रहा है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती ममता साहू ने कहा कि महिलाएं अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। बस्तर क्षेत्र में शांति और भयमुक्त वातावरण बनने के साथ महिलाओं के लिए विकास और आत्मनिर्भरता के नए अवसर बढ़े हैं। उन्होंने महिलाओं से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया। बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्निका शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित महिलाओं, मितानिनों एवं महिला हितग्राहियों का सम्मान किया गया। साथ ही महिला जनप्रतिनिधियों को भी तेजा का उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य के लिए माहुदबंदपारा कांकेर के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती भगवती जगताप, संजय नगर के सुश्री मिथलेश्वरी मण्डावी, अलबेलापारा के मितानीन अनिता कुमेटी एवं श्रीराम नगर के सरिता यादव के साथ ही महतारी वंदन के हितग्राही उयद नगर कांकेर के श्रीमती अंजली सिंह तथा बाबूदबेना के श्रीमती प्रतिभा लाटिया को सम्मानित किया गया। नारी शक्ति वंदन-अभिनंदन कार्यक्रम में महिलाओं के उत्साह और सहभागिता को बढ़ाने के लिए विभिन्न मनोरंजक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें कुर्सी दौड़, बिंदी लगाओ, मोमबत्ती जलाओ, मटका फोड़ और मेहंदी प्रतियोगिता प्रमुख रहीं। विभिन्न योजनाओं की महिला हितग्राहियों एवं स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने इन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर श्रीमती कौशल्या विष्णुदेव साय ने उपस्थित जनसमुदाय को कुपोषण मुक्त समाज और बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया।
इस अवसर पर विधायक कांकेर श्री आशाराम नेताम, जिला पंचायत के अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय आदिम जाति सेवक संघ श्री प्रकाश कुमार उईके, प्रदेश अध्यक्ष भारतीय आदिम जाति सेवक संघ श्री कुंवर जितेन्द्र नरसिंह राणा, नगरपालिका अध्यक्ष श्री अरूण कौशिक, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा कावड़े, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती तारिणी ठाकुर, श्री महेश जैन, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, श्रीमती मीरा सलाम, श्रीमती उमा शर्मा, श्रीमती विजयलक्ष्मी कौशिक सहित बड़ी संख्या में महिला हितग्राही, स्व-सहायता समूह की महिलाएं, मितानिन, महिला जनप्रतिनिधि एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

*श्रीमती कौशल्या विष्णुदेव साय ने गांधी ग्राम कुलगांव का किया भ्रमण*
*महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों की ली जानकारी, बंद गतिविधियों को पुनः शुरू करने की पहल*
श्रीमती कौशल्या विष्णुदेव साय ने गांधी ग्राम कुलगांव का भ्रमण कर वहां महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर महिला स्व-सहायता समूह के कार्यों, आजीविका के साधनों तथा वर्तमान में संचालित गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। ग्राम कुलगांव में वर्तमान में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा मुर्गी पालन एवं बकरी पालन का कार्य किया जा रहा है। वहीं सरकार द्वारा महिला स्व-सहायता समूहों को विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधियों से जोड़ने के लिए शेड का निर्माण कराया गया था। इन शेडों में दोना-पत्तल निर्माण, मसाला उद्योग, रागी प्रोसेसिंग यूनिट, हथकरघा कार्य, मशरूम उत्पादन तथा तालाब में मछली पालन जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। इन गतिविधियों से 09 महिला स्व-सहायता समूह जुड़े हुए थे, लेकिन वर्तमान में इनमें से अधिकांश गतिविधियां बंद हैं। भ्रमण के दौरान इन गतिविधियों को पुनः प्रारंभ करने की दिशा में पहल करने की बात कही गई, ताकि महिला स्व-सहायता समूहों को स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आय के बेहतर अवसर मिल सकें तथा उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को और मजबूत किया

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