
यूपीआई पर शुल्क लगाने का कांग्रेस विरोध करती है – कांग्रेस
रायपुर/ यूपीआई पर शुल्क जनता की जेब पर सीधा डाका है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जिस यूपीआई को देश की डिजिटल क्रांति की पहचान बताकर प्रचारित किया गया। मोदी सरकार ने लोगों को ऑनलाइन लेने-देने की आदत लगाई गयी, आज उसी के इस्तेमाल पर आम जनता से लगभग 85 हजार करोड़ रू. से अधिक सालाना वसूलने की तैयारी में है। मोदी सरकार ने पहले जनता को कैशलेस भुगतान की ओर धकेला, अब उसी व्यवस्था को कमाई का जरिया बनाने की कोशिश हो रही है। देश का छोटा दुकानदार दिनभर में दर्जनों डिजिटल भुगतान करता है। यदि हर लेनदेन पर शुल्क लगा तो इसका सीधा असर उसके मुनाफे और आम उपभोक्ता की जेब पर पड़ेगा। दुकानदार तो मजबूरी के ग्राहक से वूसली करेगा। कांग्रेस, यूपीआई शुल्क का विरोध करती है तथा सरकार से इसको वापस लेने की मांग करती है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने यूपीआई लेनदेन पर किसी भी प्रकार का शुल्क लगाने को लेकर केंद्र सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। यूपीआई आज देश के करोड़ों लोगों के रोजमर्रा के लेनदेन का सबसे आसान और सुविधाजनक माध्यम बन चुका है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की कोई भी कोशिश सीधे आम जनता की जेब पर बोझ डालेगी।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छोटे दुकानदार, किसान, मजदूर, कर्मचारी, विद्यार्थी और मध्यम वर्ग के लोग आज चाय-पान से लेकर किराना, दवा, यात्रा और अन्य आवश्यक वस्तुओं तक के भुगतान यूपीआई से कर रहे हैं। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बाद यदि उसी सुविधा पर शुल्क लगाया जाता है तो इसका सबसे अधिक असर छोटे लेनदेन करने वाले आम नागरिकों पर पड़ेगा।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि NPCI के आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2026 में यूपीआई पर लगभग 24.51 अरब लेनदेन हुए, जिनका कुल मूल्य करीब 29.82 लाख करोड़ रू. रहा। इससे स्पष्ट है कि यूपीआई अब भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा “जनता पहले ही महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ते घरेलू खर्च से परेशान है। अब उसके रोजमर्रा के डिजिटल भुगतान पर भी शुल्क लगाने की कोशिश की गई तो यह आम आदमी की जेब पर सीधा हमला होगा।”
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि केंद्र सरकार से मांग की कि यूपीआई को सामान्य नागरिक के लिए सरल, सस्ता और शुल्क-मुक्त डिजिटल भुगतान माध्यम बनाए रखा जाए तथा किसी भी प्रकार का नया उपभोक्ता शुल्क लगाने की योजना पर तत्काल स्पष्टीकरण दिया जाए। स्पष्ट चेतावनी है जनता की जेब पर नया बोझ डालने की कोई भी कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।



