Featureछत्तीसगढ़

रक्षाबंधन से पहले खाद्य विभाग अलर्ट, मिठाई और दूध उत्पादों की होगी जांच

सक्ती: राज्य में आम नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं मानक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने तथा आगामी रक्षा बंधन पर्व को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर जिला सक्ती अमृत विकास तोपनो के आदेश तथा उपसंचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देश के परिपालन में ‘बने खाबो-बने रहिबो 2.0’ की थीम पर 07 दिवसीय विशेष सघन खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। यह अभियान 17 अगस्त 2026 से 23 अगस्त 2026 तक चलेगा।

अभियान के दौरान रक्षाबंधन पर्व को ध्यान में रखते हुए मिलावटी, अमानक, मिथ्याछाप, अस्वास्थ्य पदार्थों तथा उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और विक्रय पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। मिठाई, नमकीन, कन्फेक्शनरी, डेयरी उत्पाद और दूध से बनी मिठाइयों की जांच होगी।

बिना लेबल, बिना सामग्री विवरण तथा भ्रामक नाम वाली मिठाइयों की पहचान भी की जाएगी। अभियान के अंतर्गत शहरी थोक बाजारों, मौसमी एवं अस्थायी मिठाई निर्माताओं, ग्रामीण दुकानों, साप्ताहिक बाजारों, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और स्ट्रीट फूड प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जाएगा। संदिग्ध उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला का स्रोत पता लगाकर नमूना संकलन, जब्ती और नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 31 जुलाई 2026 की राजपत्र अधिसूचना के अनुसार ऐसे गैर-दुग्ध खाद्य उत्पाद, जो दूध उत्पाद होने का भ्रम पैदा करते हैं, उनके निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं विक्रय पर प्रतिबंध लागू है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि वनस्पति तेल या वनस्पति वसा की उपस्थिति के आधार पर किसी उत्पाद को स्वतः प्रतिबंधित डेयरी एनालॉग नहीं माना जाएगा। उत्पाद की वास्तविक प्रकृति, नाम, सामग्री और प्रस्तुतीकरण का परीक्षण किया जाएगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने खाद्य कारोबारियों से नियमों का पालन करने तथा उपभोक्ताओं से सुरक्षित एवं मानक खाद्य पदार्थ खरीदने की अपील की है।

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