
रायपुर/सूरजपुर। सूरजपुर जिले के मदन नगर में तड़के पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हुई है। इस घटना में तीन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। जबकि ग्रामीणों के भी घायल होने की खबरें हैं। घायल पुलिसकर्मियों का उपचार अंबिकापुर स्थित मेडिकल कालेज अस्पताल में किया जा रहा है।
भुमि अधिग्रहण के विरोध की वजह से चर्चित है गांव

मदन नगर गांव, प्रतापपुर और खड़गंवा के बीच स्थित है। यह गांव एसईसीएल की महान खदान परियोजना से प्रभावित होने वाले क्षेत्र में शामिल है। एसईसीएल यहां महान खदान परियोजना का एक्सटेंशन करना चाहता है। लेकिन ग्रामीण खनन परियोजना के लिए जमीन देने को तैयार नहीं है। एसईसीएल सीबी एक्ट याने कोल बेअरिंग एक्ट के ज़रिए अधिग्रहण कर कोयला खनन करने की कवायद में है। लेकिन ग्रामीणों का विरोध अब तक एसईसीएल को सफल होने नहीं दे रहा है। जल जंगल जमीन को लेकर अपने संघर्ष की वजह से मदन नगर चर्चा में रहता है।
पुलिस क्यों गई थी
ग्रामीणों से जमीन खाली कराने की कई असफल कोशिशों या कि ग्रामीणों को खनन के लिए जमीन लेने की कोई असफल कोशिशों के बाद पुलिस सुबह करीब साढ़े चार बजे बड़ी संख्या में मदन नगर पहुंची थी। स्थानीय सूत्रों ने बताया है कि, पुलिस के साथ राजस्व विभाग और एसईसीएल का अमला था। बताया जा रहा है कि, बेहद संवेदनशील इस मसले में पुलिस और प्रशासन से स्थिति को समझने और आँकलन करने में वह गंभीरता नहीं थी जो कि अपेक्षित थी। वैसे पुलिस महकमे के आला अफसरों का दावा है कि, पुलिस पुराने मामलों में वांछित आरोपियों को पकड़ने गई थी। जब पुलिस पता तलाश कर रही थी तब झड़प हुई, जिसमें पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। लेकिन वरिष्ठ अधिकारी यह नहीं बता पा रहे हैं कि यदि यह आरोपियों को पकड़ने की कार्यवाही थी तो पुलिस बल की संख्या दो सौ के आसपास क्यों थी ?
कलेक्टर से कोई जवाब नहीं आया
मदन नगर मसले को लेकर जिला प्रशासन का पक्ष जानने कलेक्टर रेना जमील से द हिट ने फोन एसएमएस व्हाट्सएप के ज़रिए संपर्क करने का प्रयास किया और एसएमएस तथा व्हाट्सएप पर सवाल लिख कर भेजे ताकि प्रशासन का पक्ष मिल सके। लेकिन पंक्तियों के लिखे जाने तक कलेक्टर रेना जमील से कोई जवाब नहीं मिला है।



