
कांकेर / चारामा क्षेत्र में जमीन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें तत्कालीन पटवारी बालाराम जैन पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आबादी भूमि को दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज करने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई बिना तहसीलदार के किसी वैध आदेश के की गई।
मामले के अनुसार वर्ष 2016-17 की आबादी सर्वे सूची में भारी छेड़छाड़ की गई, जिससे जमीन के मूल अधिकारों पर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। इस संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ता रेवती रमन तिवारी ने चारामा थाने में आवेदन देकर संबंधित पटवारी के खिलाफ कार्यवाही करने शिकायत दर्ज कराई है।
हालांकि शिकायत दर्ज किए जाने के लगभग दो महीने बीत जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी केवल जांच जारी होने की बात कहकर मामले को टालते नजर आ रहे हैं।
आवेदक का आरोप है कि उसे न्याय के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई सहयोग नहीं मिल रहा। इस पूरे प्रकरण ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आवेदक का कहना है कि यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच कर दोषी पटवारी पर कार्रवाई नहीं की गई, तो इस मामले को लेकर उच्च स्तर पर शिकायत की जाएगी जिससे यह मामला और अधिक गंभीर रूप ले सकता है।



