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स्विगी ने बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस, ग्राहकों को देना होगा ज्यादा पैसा!

ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने वालों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। जी हां, क्योंकि स्विगी (Swiggy) ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ा दी है, जिससे ग्राहकों को अब हर ऑर्डर थोड़ा महंगा पड़ सकता है। स्विगी (Swiggy) ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस ₹14.99 से बढ़ाकर ₹17.58 कर दी है, यानी हर ऑर्डर पर ₹2.59 ज्यादा देने होंगे। यह करीब 17% की बढ़ोतरी है। दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले ही जोमैटो (Zomato) ने भी अपनी फीस 19% बढ़ाई थी। अब GST जोड़ने के बाद दोनों प्लेटफॉर्म पर लगभग समान ₹17.58 फीस लग रही है। आइए जरा विस्तार से जानते हैं कि स्विगी यह कीमतें क्यों बढ़ा रही है?
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?

स्विगी (Swiggy) ने पहली बार अप्रैल 2023 में सिर्फ ₹2 की प्लेटफॉर्म फीस शुरू की थी, जो अब बढ़कर करीब 8 गुना हो चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनियां अब मुनाफा बढ़ाने और अपने बिजनेस को मजबूत करने के लिए फीस बढ़ा रही हैं।
कंपनियों द्वारा लिया जाने वाला प्लेटफॉर्म शुल्क
कंपनी प्लेटफॉर्म फी अमाउंट
स्विगी (Swiggy) फिक्स फी (कस्टूमर) ₹17.58 (+GST)
इटरनल (Eternal) फिक्स फी (कस्टूमर) ₹17.58 (+GST)
अर्बन (Urban Company) कमीशन (पार्टनर) 8.5% – 25% प्रति बुकिंग
मेशो (Meesho) कमीशन 0%
मार्केट में मजबूत पकड़

एलारा कैपिटल (Elara Capital) के एक्सपर्ट करण तौरानी का कहना है कि स्विगी (Swiggy) और जोमैटो (Zomato) का बाजार पर मजबूत कब्जा है। इसे डुओपॉली कहा जा रहा है, यानी बाजार में दो ही बड़ी कंपनियों का दबदबा है। फिलहाल, नए खिलाड़ियों के लिए इस मार्केट में जगह बनाना आसान नहीं दिख रहा।
शेयर बाजार पर असर

इस खबर के बाद स्विगी (Swiggy) के शेयर में तेजी देखने को मिली और यह करीब 2.83% तक चढ़ गया। खबर लिखे जाने तक कंपनी का शेयर 280.25 रुपये पर था। सिर्फ स्विगी (Swiggy) ही नहीं, बल्कि अन्य प्लेटफॉर्म कंपनियों जैसे अर्बन कंपनी (Urban Company) और मेशो (Meesho) के शेयरों में भी उछाल आया।
ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?

अब हर बार फूड ऑर्डर करने पर आपको थोड़ा ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। भले ही बढ़ोतरी छोटी लगे, लेकिन बार-बार ऑर्डर करने वालों के लिए यह खर्च बढ़ सकता है। स्विगी (Swiggy) और जोमैटो (Zomato) की फीस बढ़ोतरी दिखाती है कि कंपनियां अब तेजी से प्रॉफिटेबल बनने की कोशिश कर रही हैं। ग्राहकों के लिए खाना ऑर्डर करना थोड़ा महंगा होगा, लेकिन कंपनियों के लिए यह कदम उनके बिजनेस को मजबूत बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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