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पैरों की सेहत से न करें समझौता: डायबिटीज रोगियों के लिए 6 जरूरी बातें

6 Diabetic Foot Care Mistakes to Avoid : डायबिटीज (मधुमेह) एक साइलेंट किलर रोग है जो शरीर के कई अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। ब्लड शुगर अनियंत्रित होने पर हृदय रोग, स्ट्रोक, किडनी फेलियर, आंखों की रोशनी जाना (रेटिनोपैथी), नसों की क्षति (न्यूरोपैथी), पैरों में संक्रमण और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली जैसी जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। जब शरीर में शुगर का स्तर अनियंत्रित होता है, तो वह चुपके से हमारी नसों की संवेदनशीलता और रक्त के बहाव पर हमला करता है। इसका नतीजा यह होता है कि पैरों में होने वाली एक मामूली सी खरोंच या चुभन का भी अहसास रोगी को नहीं होता है और रक्त संचार धीमा होने के कारण शरीर उस छोटे से जख्म को भरने की ताकत खो देता है। इस समय एक छोटी सी लापरवाही संक्रमण का रूप ले सकती है। ऐसे में पैरों की नियमित जांच और देखभाल करने से शारीरिक और मानसिक परेशानी से बचा जा सकता है। आइए जानते हैं कैसे थोड़ी सी सावधानी और सही जानकारी के साथ आप पैरों से जुड़ी जटिलताओं को कोसों दूर रखते हुए अपनी लाइफस्टाइल को बेफिक्र बना सकते हैं।

डायबिटीज रोगी पैरों की सेहत का ऐसे रखें ख्याल

पैरों को साफ और सूखा रखें: अपने पैरों को माइल्ड साबुन और गुनगुने पानी से धोने के बाद अच्छी तरह सुखा लें, खासकर उंगलियों के बीच, जहां नमी बैक्टीरिया को फंसा सकती है और फंगल संक्रमण का कारण बन सकती है। पैरों की अच्छी स्वच्छता त्वचा संबंधी समस्याओं के खतरे को कम करती है।

पैरों की प्रतिदिन जांच करें: कटने, लालिमा, सूजन, फटी त्वचा, छाले या किसी भी नई समस्या पर ध्यान दें। ब्लड शुगर का स्तर अधिक होने पर छोटी-मोटी चोटें भी जल्दी गंभीर हो सकती हैं। दिन में एक बार जल्दी से जांच करने से समस्याओं का जल्दी पता लगाने और संक्रमण से बचाव में मदद मिलती है।

पैर को मॉइस्चराइज करें, लेकिन उंगलियों के बीच मॉइस्चराइजर न लगाएं: एड़ियों और तलवों पर हल्का मॉइस्चराइजर लगाएं ताकि सूखापन और दरारें न पड़ें, जिनसे संक्रमण हो सकता है। हालांकि, पैर की उंगलियों के बीच लोशन लगाने से बचें, क्योंकि वहां अधिक नमी से फंगल संक्रमण का खतरा पैदा हो सकता है।

अपने नाखूनों को ध्यान से काटें: त्वचा के बहुत करीब से काटने पर नाखून पैर की उंगली में बढ़ सकता है, जिससे अंतर्वर्धित नाखून की समस्या हो सकती है। इससे बचने के लिए, अपने नाखूनों को साफ रखें और उन्हें सीधा काटें, ठीक पैर की उंगली के किनारे तक। यदि आपकी नजर कमजोर है या तंत्रिका क्षति है, तो किसी पेशेवर से सहायता लें; सुरक्षित रूप से नाखून काटने से दर्दनाक संक्रमण से बचाव होता है।

आरामदायक जूते पहनें: ऐसे जूते पहनें, जिनमें कुशनिंग हो और पैर की उंगलियों के लिए पर्याप्त जगह हो। तंग या खुरदुरे जूते छाले या घाव पैदा कर सकते हैं। घर्षण कम करने और आराम बढ़ाने के लिए रोजाना साफ, मुलायम मोजे पहनें।

पैरों के दर्द को बिल्कुल नजरअंदाज न करें: लगातार दर्द, त्वचा के रंग में बदलाव, सुन्नपन या धीरे-धीरे ठीक होने वाले घावों की तुरंत किसी स्वास्थ्य पेशेवर से जांच करवाएं। समय रहते ध्यान देने से जटिलताओं से बचा जा सकता है और आपके पैर लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं।

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