छत्तीसगढ़

स्कूल में शिक्षक की कमी, भवन भी कंडम, सेल्फ स्टडी से मिली सफलता

 खैरागढ़. जिले की बदहाल शिक्षा व्यवस्था के बीच एक सुखद खबर सामने आई है, जहां पिपरिया के जर्जर सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा खुशी कोटले का प्रयास आवासीय विद्यालय में चयन हुआ है और पूरे प्रदेश में खुशी दूसरे स्थान पर आई है.

प्रयास में चयन के पहले खुशी एनएमएसई की परीक्षा में भी शामिल हुई थी, जिसमें पिपरिया शासकीय स्कूल से अकेले खुशी का ही चयन हुआ था. इसके बाद खुशी को एक हजार रुपए की छात्रवृत्ति प्रति माह मिल रही थी. NMSE की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने प्रयास आवासीय विद्यालय में दाखिला लेने की तैयारी शुरू की, जिसके लिए कोचिंग करने के लिए भी खुशी ने प्रयास किया, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति और कोचिंग की अत्यधिक फीस के चलते सेल्फ स्टडी की ही राह चुनी.

स्कूल में शिक्षक की भी है कमी

बता दें कि खुशी कोटले पिपरिया के जिस सरकारी स्कूल में पढ़ाई कर रही थी उस स्कूल के भवन की स्थिति अत्यंत जर्जर है. पढ़ाई के लिए पर्याप्त शिक्षक भी नहीं है. स्कूल कैंपस में चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है. बावजूद खुशी ने अपनी मेहनत जारी रखी और अंततः ख़ुशी की मेहनत रंग लाई और उसका चयन प्रयास आवासीय विद्यालय में हो गया. और तो और खैरागढ़ जिले के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली बिटिया पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में दूसरे स्थान पर रही. खुशी की इस उपलब्धि ने पूरे जिले को गौरवान्वित किया है. खुशी कोटले के इस चयन से आज उसके परिवार के साथ साथ पूरा खैरागढ़ जिला उत्साहित है.

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