
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में स्कूल शिक्षा विभाग में लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामलों पर सख्त कार्रवाई की गई है। कलेक्टर निलेश क्षीरसागर के निर्देश पर शराब सेवन कर स्कूल आने वाले प्रधान पाठक, लगातार अनुपस्थित रहने वाले शिक्षक और छात्रवृत्ति कार्य में लापरवाही बरतने वाले लिपिक को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, कोयलीबेड़ा विकासखंड के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय की छात्रवृत्ति शाखा में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 लिपिक विजय कुमार बर्मन छात्रवृत्ति पंजीयन कार्य को गंभीरता से नहीं ले रहे थे। छात्रवृत्ति पोर्टल पर लंबित विद्यार्थियों की जानकारी समय पर जिला कार्यालय तक नहीं पहुंच रही थी। इस संबंध में उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।
लेकिन उन्होंने समय पर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया। बीईओ के प्रतिवेदन के आधार पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय अंतागढ़ निर्धारित किया गया है। इसी तरह विकासखंड कोयलीबेड़ा के प्राथमिक शाला आलदंड में पदस्थ सहायक शिक्षक (एलबी) सुबेसिंह ध्रुव भी लंबे समय से बिना सूचना अनुपस्थित पाए गए। विभागीय जांच में उनके नियमित रूप से स्कूल नहीं आने की पुष्टि हुई। शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने और विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होने के कारण उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय बीईओ कार्यालय नियत किया गया है।

सबसे गंभीर मामला प्राथमिक शाला राजामुंडा का सामने आया, जहां प्रधान पाठक के पद पर पदस्थ लबोधर सिंह ठाकुर के खिलाफ शराब सेवन कर स्कूल आने की शिकायत मिली थी। जांच में आरोप सही पाए गए। विद्यार्थियों और ग्रामीणों की शिकायतों के आधार पर की गई जांच में यह पुष्टि होने के बाद उन्हें भी निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय बीईओ कार्यालय कोयलीबेड़ा तय किया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं, ताकि स्कूलों में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।



