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सहकारी समितियों में खाद की किल्लत को सरकार का किसान विरोधी षड्यंत्र

नहीं मिल रहा है सोसायटियों में खाद, बुआई का समय निकल रहा है, किसान परेशान, सरकार नहीं चाहती किसान भरपूर उपज ले सके

रायपुर/10 जुलाई 2025। सहकारी समितियों में खाद की किल्लत को सरकार का किसान विरोधी षड्यंत्र करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि खरीफ की बुवाई का समय तेजी से बीत रहा है, लेकिन किसानों को डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है किसान परेशान है, सरकार के द्वारा किसानों को पहले एनपीके का विकल्प देने की बात कही गई और अब नैनो डीएपी का झांसा दे रहे हैं। असलियत यह है कि सरकार नहीं चाहती कि किसान भरपूर उत्पादन ले सके, ताकि समर्थन मूल्य पर कम धान खरीदी करना पड़े, यही वजह है कि खरीफ फसल की बोनी के ऐन वक्त पर खाद का कृत्रिम संकट उत्पन्न किया जा रहा है। जब किसानों के तरफ से डिमांड अप्रैल माह तक लिखाया जा चुका था, फिर सही समय में पर्याप्त मात्रा में खाद के रेक और सहकारी सोसाइटियों तक भंडारण की समुचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई?

प्रदेश कांग्रेस कमेटी वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सत्ता के संरक्षण में डीएपी खाद की कालाबाजारी की जा रही है, निजी दुकानों में 2000 रू. प्रति बोरी तक किसानों से वसूला जा रहा है। जमा खोरो और कालाबाजारी करने वालों को सत्ता का संरक्षण है, जिसके चलते कृषि विभाग के अधिकारी जमाखोरों पर कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। सरकार की दुर्भावना के चलते किसानों का आक्रोश चरम पर है। पूरे प्रदेश में किसानों का प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन खाद की आपूर्ति करने के बजाय भाजपा के नेता मंत्री केवल सोशल मीडिया पर रिलबाजी में मस्त हैं।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है की सबसे बुरी स्थिति बस्तर और सरगुजा संभाग में है जहां किसानों को केवल आश्वासन मिल रहा है। सरकार की बदइंतजामी के चलते प्रदेश के किसान जमाखोरों के शोषण का शिकार हो रहे हैं। पिछले खरीफ सीजन में भी सरकारी दुकानों में एक्सपायर नैनो यूरिया बेचने का मामला सामने आया था, इस बार भी नकली खाद, मिलावटी खाद और गुणवत्ताहीन उर्वरक पूरे प्रदेश में बिक रहा है। डबल इंजन की सरकार का दावा करने वाली प्रदेश की भाजपा सरकार, केंद्र की मोदी सरकार से छत्तीसगढ़ के हक़, अधिकार और डिमांड के मुताबिक डीएपी खाद तक किसानों को उपलब्ध नहीं कर पा रही है।

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